जल थल सेवनी | Jal Thal Sewani Lyrics – Pawan Singh | Khushbu Jain

लागल बा दर्शन के आस हो लागल बा दर्शन के आस हो !

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Jal Thal Sewani Lyrics in Hindi

रतिया पहर चार जल थल सेवनी
बीतल तकते आकाश हो
बीतल तकते आकाश हो !

कहवा बिलवलs तू सुरुज गोसईया हो
लागल बा दर्शन के आस हो
लागल बा दर्शन के आस हो !

सीतल जल में शरीरिया हो सीतियाईल बा
बहेला शीतली बयरिया तन सिहराईल बा
ललकी ललईया में कब लाल होईबs
आ जईतs हमनी के पास हो
आ जईतs हमनी के पास हो !

रथवा रुकल तोहार कहवा आदित मल
लागल बा दर्शन के आस हो
लागल बा दर्शन के आस हो !

हथवा में दउरा सीपुलिया हो देह भूखल बा
बीतल बारहो पहरिया हो कंठ सुखल बा
विनय बिहारी पवन दीपक मधुकर
पियरी पहिर पियरास हो
पियरी पहिर पियरास हो !

दीन दुखियन के तू दीनानाथ हउवs
दुनिया ई तोहार दास हो
दुनिया ई तोहार दास हो !

लागल बा दर्शन के आस हो
लागल बा दर्शन के आस हो !
लागल बा दर्शन के आस हो
लागल बा दर्शन के आस हो !

Jal Thal Sewani Song Details

  • Song Jal Thal Sewani
  • Singer Pawan Sing, Khushbu Jain
  • Lyrics Vinay Bihari